टेलीकॉम केबल्स बनाने वाली माइक्रोकैप कंपनी Birla Cable Ltd ने अपने Q2 FY26 नतीजे घोषित किए, जिसके बाद शेयरों में दबाव देखा गया। कंपनी के मुनाफे में साल-दर-साल 61% की गिरावट आई, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई और स्टॉक 6% तक टूट गया। आइए जानते हैं कि आखिर क्या रहा कंपनी के इस कमजोर प्रदर्शन के पीछे।

शेयरों में गिरावट
शुक्रवार को कंपनी का मार्केट कैप ₹475.80 करोड़ रहा। नतीजों के बाद इसके शेयर ₹168.80 से गिरकर ₹158.60 तक पहुंच गए – यानी लगभग 6% की गिरावट। निवेशकों ने कमजोर मुनाफे पर निराशा जताई, जिससे दिनभर स्टॉक दबाव में रहा।
Q2 FY26 के नतीजों की झलक
Birla Cable Ltd, जो ऑप्टिकल फाइबर, कॉपर टेलीकॉम और LAN केबल्स के निर्माण में विशेषज्ञ है, ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए।
कंपनी का रेवेन्यू ₹182 करोड़ से घटकर ₹176 करोड़ हो गया – यानी 3.2% की सालाना गिरावट (YoY)। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी यह 0.2% घटा।
सबसे बड़ी गिरावट नेट प्रॉफिट में रही। कंपनी का मुनाफा ₹1.82 करोड़ से घटकर ₹0.71 करोड़ रह गया – यानी 61% YoY की कमी। पिछली तिमाही (Q1 FY26) के ₹1.36 करोड़ की तुलना में भी मुनाफा 48% गिरा।
हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार देखा गया है। इसका डेब्ट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.41 पर है, जो संतुलित माना जाता है। साथ ही कंपनी ने 50% डिविडेंड पAYOUT बनाए रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब भी शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने के प्रति प्रतिबद्ध है।
कंपनी का प्रोफाइल
Birla Cable Limited (पहले Birla Ericsson Optical Limited) के नाम से जानी जाने वाली यह कंपनी टेलीकम्युनिकेशन केबल्स के क्षेत्र में भारत की अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह कॉपर और फाइबर ऑप्टिक केबल्स का एक विस्तृत पोर्टफोलियो पेश करती है और M. P. Birla Group का हिस्सा है – जो भारत के सबसे विश्वसनीय समूहों में गिना जाता है।
कंपनी ने हाल ही में Ericsson के शेयरों का अधिग्रहण करके खुद को एक सच्ची ग्लोबल इंडियन कंपनी के रूप में स्थापित किया है। अब इसका कारोबार 60 से अधिक देशों में फैला हुआ है।
Birla Cable विभिन्न सेक्टरों – जैसे टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस, और पावर – के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल्स बनाती है। इसके अलावा, कंपनी EPC (Engineering, Procurement, and Construction) सेवाएं भी प्रदान करती है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाती हैं।
निचोड़
हालांकि Q2 FY26 में Birla Cable के मुनाफे में तेज गिरावट देखी गई है, लेकिन कंपनी की लो डेट लेवल और स्थिर डिविडेंड पॉलिसी इसकी वित्तीय मजबूती को दर्शाती है। ग्लोबल एक्सपेंशन और बढ़ते EPC प्रोजेक्ट्स कंपनी के दीर्घकालिक ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं।
क्या आने वाले क्वार्टर्स में Birla Cable अपने “कनेक्शन” को दोबारा मजबूत कर पाएगी? यह देखना दिलचस्प रहेगा।










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