भारत ने 2025 के मध्य तक पावर जनरेशन में ऐतिहासिक मील का पत्थर छू लिया है – देश की कुल स्थापित क्षमता अब लगभग 476 GW हो चुकी है। इसमें से करीब 162 GW (यानी 34%) क्षमता सिर्फ़ सोलर और विंड एनर्जी से आती है। साल 2025 की शुरुआत में ही भारत ने 13 GW से ज़्यादा नई क्षमता जोड़ी, जिसमें 79% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का रहा, ये साफ संकेत है कि देश तेजी से क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा है।

JSW Energy के शेयरों की चाल
- पिछला बंद भाव: ₹528.15
- आज का बंद भाव: ₹533.00
- दिन की बढ़त: +0.92%
- मार्केट कैप: ₹93,156.06 करोड़
कंपनी का शेयर स्थिरता के साथ ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
ब्रोकरेज हाउस का रुख
Axis Direct ने JSW Energy पर ‘Buy’ की रेटिंग दी है, और टारगेट प्राइस ₹705 प्रति शेयर तय किया है।
यानी मौजूदा भाव ₹533 से करीब 32% की संभावित बढ़त।
पावर कैपेसिटी में तगड़ी ग्रोथ
Q2 FY26 में कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता 443 MW बढ़ी
- 3% QoQ ग्रोथ
- 71% YoY उछाल
अब कुल ऑपरेशनल क्षमता 13.2 GW हो चुकी है।
नेट पावर जनरेशन में 52% की वार्षिक बढ़त दर्ज की गई है, जो अब 14.9 बिलियन यूनिट (BUs) तक पहुँच गई है।
कंपनी के पास 12.5 GW की प्रोजेक्ट्स अंडर कंस्ट्रक्शन हैं, जो लॉन्ग-टर्म PPA (Power Purchase Agreements) से जुड़े हैं।
FY26 तक कंपनी की कुल क्षमता 15 GW पार कर सकती है।
Q2 FY26 Highlights
| वित्तीय मेट्रिक | Q2 FY25 | Q2 FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| राजस्व (₹ करोड़) | 3,238 | 5,177 | +60% YoY |
| शुद्ध लाभ (₹ करोड़) | 876 | 824 | -6% YoY |
Revenue में 60% की भारी बढ़त दर्ज हुई, लेकिन नेट प्रॉफिट में 6% की गिरावट दिखी।
यानी ऑपरेशनल लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव आया है, हालांकि कंपनी की टॉपलाइन बेहद मज़बूत रही।
भारत में ऊर्जा की दिशा बदल रही है
H1 FY26 में कई राज्यों – बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र – में थर्मल और रिन्यूएबल दोनों तरह की परियोजनाओं के लिए नए टेंडर जारी किए गए हैं। करीब 11.6 GW की थर्मल क्षमता पर काम चल रहा है।
नई नीतियों के तहत ISTS छूट का चरणबद्ध अंत और सिंपल इंटर-स्टेट PPAs से निवेशकों के लिए माहौल और आसान हुआ है।
JSW Energy की भविष्य की योजना
कंपनी का लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है –
2030 तक 30 GW की पावर कैपेसिटी हासिल करना।
इस “Locked-in Mix” में शामिल होंगे –
- Thermal
- Hydro
- Solar
- Wind
- Hybrid Projects
फिलहाल:
- 13,211 MW ऑपरेशनल
- 12,540 MW निर्माणाधीन
इनमें से ज़्यादातर नई परियोजनाएँ Solar और Hybrid Energy से जुड़ी हैं, जो आने वाले समय में कंपनी की ग्रीन एनर्जी लीडरशिप को और मजबूत करेंगी।
निष्कर्ष
भारत की ऊर्जा कहानी अब कोयले से सूरज और हवा की ओर तेजी से मुड़ रही है।
इस सफर में JSW Energy का नाम अग्रणी खिलाड़ियों में शामिल हो चुका है – लगातार बढ़ती क्षमता, सशक्त PPA नेटवर्क और 2030 तक 30 GW का विज़न कंपनी को अगले दशक में एक प्रमुख क्लीन एनर्जी दिग्गज बना सकता है।










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